Alternating Current (AC) क्या है? और उपयोग।- Definition of Alternating Current?


||Alternating Current definition||What is Alternating Current in Hindi||

What is Alternating Current (AC) In Hindi- Definition of Alternating Current-
What is Alternating-Current

भारत और अधिकांश देशो में विधुत शक्ति की पूर्ति करने के लिए प्रत्यावर्ती धारा (Alternating Current) द्वारा की जाती है। विधुत आपूर्ती में DC Current(DC) का अपना हे महत्व होता हे,DC current का उपयोग इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में उपयोग करना आवश्यक होता है। लकिन  विधुत वितरण का कार्य प्रत्यावर्ती धारा (Alternating current)के दुवारा ही किया जा रहा है। Alternating Current की मुख्य विशेषता यह होती है,की वोल्टेज को हम आसानी से उपचयन(Step-Down) तथा उच्चयन् (Step-उप) कर सकते है।

What is Alternating Current (AC)?

"वह विधुत धारा जिसका मान एवं प्रवाह दिशा एक नियत दर पर परिवर्तित होती रहती है,Alternating Current कहलाती है"या"किसी तत्व के पदार्थ में से इलेक्ट्रॉन्स का प्रवाह विधुत धारा कहलाती है।"


Types of Ac Current ( अल्टर्नटिंग करंट के प्रकार ):- 

Ac Current मुख्य रूप से 3 प्रकार की होती है,यह करंट प्रत्येक अवस्था में इसकी प्रवाह दिशा एक निश्चित दर पर परिवर्तित होती रहती है|

  1. Alternating Current "Sine Wave"
  2. Alternating Current "Square Wave"
  3. Alternating Current "Saw Thooth Wave"

[1] Alternating Current "Sine Wave":- 


प्रत्यावर्ती विधुत धारा (Alternating Current) अल्टरनेटर के द्वारा उत्पन होने वाली AC का वक्र, Sine Wave कहलाती है, या "वोल्टेज के फेज कोणों के ज्या मानो का समय पर तैयार किया गया एक का वक्र साइन वेव कहलाती है।

[2] Alternating Current "Square Wave" :-


Alternating Current में अल्टरनेटर के दुवारा उत्पन Sine Wave के अलावा भी  एक 
Square type की Wave उत्पन होती है,जिसे Square Wave कहते है जैसे:-

[3] Alternating Current "Saw Thooth Wave" :- 


Saw Thooth Wave एक प्रकार का Non-Sinusoidal तरंग है,एक सॉटूओथ तरंग रैंप ऊपर की ओर फिर तेजी से नीचे की और गिरता है,इसे एक असममित त्रिभुज लहर का चरम मामला भी माना जा सकता है।सॉटूओथ तरंग CRT-Based टेलीविजन या मॉनीटर स्क्रीन पर Raster उत्पन्न करने के लिए उपयोग किए जाने वाले Vertical और Horizontal विक्षेपण(deflection)सिग्नल का रूप है।


Frequency of AC Current:-

प्रत्यावर्ती विधुत धारा में एक सेकेण्ड समय बम पूर्ण किए गए चक्रो(cycles)की संख्या उसकी frequency कहलाती है। इसका मात्रक हर्ट्ज(Hz)होता है,और Frequency को(f)दुवारा प्रदर्शित किया जाता है। भारत में सप्लाई फ्रीक्वेंसी(Frequency of AC Current)का मान 50Hz निधारित है।
Frequency of AC Current  का सूत्र :-
                                                                   f= P. N/120

  1. f= फ्रीक्वेंसी, हेर्ट्स में (Hz)
  2. P= पोल्स की संख्या,
  3. N= रोटर की घूर्णन गति,RPM में
या 1c/s = 1Hz

फ्रीक्वेंसी के कुछ बड़े मात्रक निम्न है;-

  1. kHz(किलो हर्ट्ज) = 10)3 Hz
  2. MHz=(मैगा हर्ट्ज) =10)6 kHz


What is Alternating Current (AC) In Hindi- Definition of Alternating Current-


Cycle Of AC Current (AC का चक्र ):-

"किसी प्रत्यावर्ती राशि के मान और दिशा के एक पूर्ण परिवर्तन को चक्र (Cycle Of AC Current )कहते है"।

Time Periodic Of Alternating Current-(AC का समय अन्तराल)

"किसी प्रत्यावर्ती राशि में होने वाले परिवर्तनों के एक चक्र को पूर्ण करने में लगा समय,उस Alternating Current का समय अन्तराल कहलाता है। इसका प्रतिक "T" तथा मात्रक सेकण्ड "s" होता है"।
समय अंतराल= 1/फ्रीक्वेंसी
                T= 1/f या f= 1/T

  1. T = समय अंतराल, सेकण्ड में
  2. f= फ्रीक्वेंसी, हर्ट्ज में।

Alternating Current definition  में  आयाम(Amplitude),तात्कालिक मान(Instantaneous Value),शिखर मान(Peak Value) क्या होता हैं।

  1. आयाम(Amplitude):-
  2. तात्कालिक मान(Instantaneous):-
  3. शिखर मान(Peak Value):- 

1. आयाम(Amplitude):-

प्रत्यावर्ती विधुत धारा और वोल्टेज का,धन दिशा अथवा ऋण दिशा में,माध्य स्तर के सापेक्ष अधिकतम मान उसका आयाम कहलाता है।

2. तात्कालिक मान(Instantaneous):-

Alternating-Current एवं Voltage का किसी भी समय पर मान उसका तात्कालिक मान कहलाती है।

3. शिखर मान(Peak Value):- 

प्रत्यावर्ती विधुत धारा अथवा वोल्टेज का धनात्मक दिशा अथवा ऋणात्मक दिशा में अधिकतम मान ही उसका शिखर मान कहलाता हैं।

What is Root Mean Square Value in Alternating-current(R.M.S)?

आर.एम्.एस. मान (Root Mean Square Value):-

Alternating-Current का वह मान जो दिए गए समय में उतनी ही ऊष्मा उत्पन्न करता है,जितनी की उतने ही समय में Direct-Current उत्पन्न करती हैं, उसे ही Alternating Current का Root mean Square Value या आर.एम.एस कहलाती हैं।

"प्रभावी मान को ही आरएमएस मान कहते हैं।"
R.M.S. मान को निकलने के लिए तात्कालिक मानो का वर्ग करके उसका Average निकाला जाता हैं।

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