Crystal Oscillator क्या होता है? Crystal Oscillator की कार्यप्रणाली(Crystal Oscillator Working)?Types of Oscillator?

Crystal Oscillator क्या होता है? Crystal Oscillator की कार्यप्रणाली(Crystal Oscillator Working)?Types of Oscillator?

Crystal Oscillator क्या होता है? Crystal Oscillator की कार्यप्रणाली(Crystal Oscillator Working)?Types of Oscillator?
Crystal Oscillator

Hello दोस्तों, www.Alternating-Current.in में आपका स्वागत है। आज में आपको बताने जा रहा हूँ, ITI के subject "इलेक्ट्रीशियन" में एक Question ,Crystal Oscillator क्या होता है? Crystal Oscillator की कार्यप्रणाली(Crystal Oscillator Working)?Types of Oscillator?

Crystal Oscillator

                       Crystal Oscillator

Crystal Oscillator क्या होता है?

एक Crystal Oscillator एक इलेक्ट्रॉनिक ऑसीलेटर सर्किट होता है जिसका उपयोग piezoelectric सामग्री के एक कंपन क्रिस्टल के यांत्रिक अनुनाद के लिए किया जाता है। Crystal Oscillator की कम्पन आवृत्ति (fe), उसकी मोटाई के व्युत्कमानुपाती होती है, Crystal Oscillator को केलास दोलित्र भी जाना जाता है। Quartz केलास का प्रयोग करके 50kHz से 50 MHz आवृत्ति के दोलित्र बनाए जाते है, जिनकी आवृत्ति स्थिरता (Frequency Stability) 0.02% होती है।

Crystal Oscillator Working

Crystal Oscillator(केलास दोलित्र) परिपथ की दोलन आवृत्ति का निर्धारण, बेस परिपथ में संयोजित केलास के द्वारा होता है। कैलास प्रथम अर्द्धचक्र में यांत्रिक ऊर्जा के रूप में वैद्युतिक ऊर्जा एकत्र कर लेता है और द्वितीय अर्द्धचक्र में उसे वैद्युतिक ऊर्जा के रूप में मुक्त कर परिपथ को  प्रदान कर देता है। बेस परिपथ में संयोजित RFC बेस बायस को स्थिरता प्रदान करने में सहायक होती है। इस परिपथ का निर्गत, ट्रांसफॉर्मर की कुण्डली L2 से प्राप्त किया जाता है जबकि कुण्डली L3 बेस परिपथ को पुन-निवेश वोल्टेज प्रदान करता है। संधारित्र C2,ब्लॉकिंग संधारित्र का कार्य करता हैं। परिपथ के शेष पुर्जो का कार्यं, CE प्रवर्दक प्ररिपथ के पुर्जो के सामान होता है।

Also Read:- 
  1. Crystal Oscillator क्या होता है? Crystal Oscillator की कार्यप्रणाली?Click Here
  2. Sodium Vapour Lamp क्या है? इसकी कार्यप्रणाली(Working) और उपयोग।Click Here
  3. Neon Lamp क्या है? Neon लैंप की कार्य-प्रणाली? और उपयोग क्या है?Click Here

Uses of Crystal Oscillator केलास दोलित्र के उपयोग

Crystal Oscillator परिपथ का उपयोग Radio-Transmitters माइक्रोप्रोसेसरों और माइक्रोकंट्रोलर के डिजाइन में, क्रिस्टल ऑसीलेटर का उपयोग घड़ी संकेत प्रदान करने में किया जाता है।

Types of Oscillator कितने प्रकार के होते है

Oscillator विभिन्न प्रकार के होते है ऑसीलेटर एक इलेक्ट्रॉनिक सर्किट हैं,

Types of Oscillator :-


  1. Hartley Oscillator हार्टले ऑसीलेटर
  2. Phase-shift RC Oscillator फेज शिफ्ट RC ऑसीलेटर
  3. Colpitt's Oscillator कोल्पिट्स ऑसीलेटर
  4. Mein Bridge Oscillator वेन ब्रिज ऑसीलेटर
  5. CRYSTAL Oscillator क्रिस्टल ऑसीलेटर
  6. Multivibrator
  7. Armstrong oscillator
  8. Clapp oscillator
  9. Relaxation oscillators
  10. Royer oscillator
  11. Ring oscillator

What is a Quartz Crystal?

Quartz crystal एक बहुत ही महत्वपूर्ण युक्ति प्रदर्शित करता है जिसे पायजोइलेक्ट्रिक प्रभाव(piezoelectric effect) कहा जाता है। जब क्रिस्टल के चेहरे पर एक यांत्रिक दबाव लागू होता है, तो क्रिस्टल में यांत्रिक दबाव के आनुपातिक वोल्टेज दिखाई देता है। वह वोल्टेज क्रिस्टल में विरूपण का कारण बनता है। विकृत राशि लागू वोल्टेज के आनुपातिक होगी और क्रिस्टल पर लागू एक वैकल्पिक वोल्टेज भी इसकी प्राकृतिक आवृत्ति पर कंपन करने का कारण बनता है।

Crystal Oscillator Circuit Diagram

Also Read:- 
  1. Crystal Oscillator क्या होता है? Crystal Oscillator की कार्यप्रणाली?Click Here
  2. Sodium Vapour Lamp क्या है? इसकी कार्यप्रणाली(Working) और उपयोग।Click Here
  3. Neon Lamp क्या है? Neon लैंप की कार्य-प्रणाली? और उपयोग क्या है?Click Here

आशा करता हूँ की आपको यह पोस्ट Crystal Oscillator क्या होता है? Crystal Oscillator की कार्यप्रणाली(Crystal Oscillator Working)?Types of Oscillator? अच्छी लगी होगी। इसी तरह की आईटीआई से Related Question &Answer के लिए हमारे FB पेज को like करे,और आपका कोई Question हो तो जरूर कमेंट करे।

                                  Thankyou

Post a Comment

1 Comments

Emoji
(y)
:)
:(
hihi
:-)
:D
=D
:-d
;(
;-(
@-)
:P
:o
:>)
(o)
:p
(p)
:-s
(m)
8-)
:-t
:-b
b-(
:-#
=p~
x-)
(k)